सुरक्षित शनिवार और बैगलेस डे एक शैक्षिक साप्ताहिकी है, जिसे प्रत्येक Friday को प्रकाशित किया जाता है। यह विशेष अंक सितम्बर माह के चतुर्थ शनिवार (26 सितम्बर 2026) को विद्यालय में आयोजित होने वाली गतिविधियों पर केंद्रित है।
इस अंक का मुख्य विषय नाव दुर्घटना एवं पानी में डूबने से बचाव के सन्दर्भ में जानकारी है। चेतना सत्र में शिक्षक बच्चों से नाव यात्रा, जलस्रोतों के आसपास के खतरों तथा पानी में किसी व्यक्ति के गिरने की स्थिति में अपनाए जाने वाले सुरक्षित उपायों पर बातचीत करेंगे।
बच्चों को समझाया जाएगा कि डूबते व्यक्ति को बचाने के लिए बिना सोचे पानी में कूदना खतरनाक हो सकता है। गतिविधियों में “सही या गलत”, “पहुंचो–फेंको–खींचो”, नाव सुरक्षा रोल-प्ले, खतरे की पहचान, मॉकड्रिल तथा पोस्टर-स्लोगन निर्माण शामिल हैं।
प्रमुख सुरक्षा संदेश
- नाव में लाइफ जैकेट का प्रयोग करें।
- नाव में क्षमता से अधिक लोगों को न बैठाएँ।
- नाव में खड़े होकर यात्रा न करें।
- पानी के पास बच्चों को अकेले न जाने दें।
- डूबते व्यक्ति को देखकर स्वयं पानी में न कूदें।
- सुरक्षित साधनों से सहायता करें और तुरंत बड़ों को सूचना दें।
बैगलेस डे के अंतर्गत सहयोगात्मक शिक्षण पर विशेष जोर दिया गया है। विद्यार्थियों को छोटे समूहों में बाँटकर कार्य, समस्या या प्रोजेक्ट दिए जाएंगे। प्रत्येक सदस्य को नेता, लेखक, वक्ता और समय प्रबंधक जैसी भूमिकाएँ दी जाएंगी।
इस प्रक्रिया से विद्यार्थियों में सहयोग, टीमवर्क, संवाद, समस्या समाधान, नेतृत्व, रचनात्मकता, सकारात्मक सोच और सामाजिक उत्तरदायित्व जैसे कौशल विकसित होंगे। समूह कार्य के बाद विद्यार्थियों को अपनी प्रस्तुति देने तथा अपने सीखने पर आत्मचिंतन करने का अवसर मिलेगा।
सुरक्षित शनिवार
नाव सुरक्षा, जलस्रोतों के खतरों की पहचान, मॉकड्रिल, “पहुंचो–फेंको–खींचो” अभ्यास एवं सुरक्षा शपथ।
बैगलेस डे
सहयोगात्मक शिक्षण के माध्यम से टीमवर्क, संवाद, नेतृत्व एवं समस्या समाधान कौशल का विकास।