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एक विद्यालय एक घोंसला कार्यक्रम : पक्षी संरक्षण की दिशा में प्रकृति प्रहरी अभियान की अनूठी पहल

एक विद्यालय एक घोंसला कार्यक्रम : पक्षी संरक्षण की दिशा में प्रकृति प्रहरी अभियान की अनूठी पहल

एक विद्यालय एक घोंसला कार्यक्रम

पक्षी संरक्षण की दिशा में प्रकृति प्रहरी अभियान की अनूठी पहल

शिक्षकों एवं विद्यार्थियों के उत्साह और राज्यव्यापी समर्थन को देखते हुए अभियान का विस्तार 30 नवंबर 2026 तक

एक विद्यालय एक घोंसला कार्यक्रम टीचर्स आफ बिहार की टीम प्रकृति प्रहरी के द्वारा प्रारंभ किया गया एक राज्यव्यापी कार्यक्रम है ।  इसका उद्देश्य विद्यालयों के अंदर बच्चों को पशु - पक्षी के महत्व के बारे में समझाना एवं उनके संरक्षण हेतु आवश्यक सहयोग करना है।

वन्यजीव सप्ताह के अवसर पर 2 से 8 अक्टूबर 2026 के बीच बिहार के विभिन्न विद्यालयों में शुरू किए गए इस अभियान का उद्देश्य बच्चों को पशु-पक्षियों के महत्व से परिचित कराना तथा उनके संरक्षण के लिए व्यावहारिक प्रयासों को प्रोत्साहित करना है। इस अभियान के अंतर्गत राज्य के अनेक विद्यालयों में शिक्षक एवं विद्यार्थी उत्साहपूर्वक भागीदारी कर रहे हैं। विद्यालय परिसरों में पक्षियों के लिए घोंसलों एवं सुरक्षित आश्रय स्थलों का निर्माण किया जा रहा है। साथ ही उनके लिए दाना और स्वच्छ पानी की व्यवस्था भी सुनिश्चित करने का प्रयास किया जा रहा है।

इस अभियान की परिकल्पना इस विचार से प्रेरित है कि आधुनिक जीवनशैली में मनुष्य धीरे-धीरे प्रकृति तथा पशु-पक्षियों से दूर होता जा रहा है। ऐसे में आवश्यक है कि बच्चों को विद्यालय स्तर से ही जीव-जंतुओं के प्रति प्रेम, करुणा और संरक्षण की भावना से जोड़ा जाए। प्रकृति प्रहरी की कल्पना है कि जब बच्चे प्रतिदिन विद्यालय पहुँचें, तो उनका स्वागत पक्षियों की मधुर चहचहाहट से हो। विद्यालय परिसर में पक्षियों की उपस्थिति न केवल वातावरण को जीवंत और पर्यावरण-अनुकूल बनाएगी, बल्कि बच्चों में प्रकृति के साथ सह-अस्तित्व की भावना भी विकसित करेगी।

राज्यभर से प्राप्त सकारात्मक समर्थन तथा शिक्षकों एवं विद्यार्थियों के उत्साह को देखते हुए प्रकृति प्रहरी द्वारा ‘एक विद्यालय–एक घोंसला कार्यक्रम’ को 30 नवंबर 2026 तक जारी रखने का निर्णय लिया गया है। इस अभियान का उद्देश्य केवल घोंसलों का निर्माण करना नहीं, बल्कि पक्षियों के लिए सुरक्षित आश्रय, दाना और स्वच्छ पानी की समुचित व्यवस्था सुनिश्चित करने की दिशा में निरंतर प्रयास करना भी है।

प्रकृति प्रहरी सभी शिक्षकों, विद्यार्थियों एवं विद्यालय परिवारों से आह्वान करता है कि वे इस अभियान से जुड़कर प्रकृति एवं पक्षियों के संरक्षण में अपनी भागीदारी सुनिश्चित करें। आइए, हम सब मिलकर एक ऐसा वातावरण तैयार करें, जहाँ विद्यालयों में बच्चों की मुस्कान के साथ पक्षियों की चहचहाहट भी गूँजे।

क्योंकि हमारा एक छोटा-सा प्रयास किसी पक्षी को आशियाना और आने वाली पीढ़ियों को एक बेहतर कल दे सकता है।

Published by Abhishek · 08 October 2026
Abhishek Abhishek UPG MS GOPALPUR NEURA I always accept the challenges and give my full effort to complete the task

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