सुरक्षित शनिवार और बैगलेस डे - 18

सुरक्षित शनिवार और बैगलेस डे एक शैक्षिक साप्ताहिकी है, जिसे प्रत्येक Friday को प्रकाशित किया जाता है। यह विशेष अंक जुलाई माह के द्वितीय शनिवार (11 जुलाई 2026) को विद्यालय में आयोजित होने वाली गतिविधियों पर केंद्रित है। इस सप्ताह का मुख्य विषय "डूबने से बचाव की जानकारी" है। इसका उद्देश्य विद्यार्थियों को जल सुरक्षा के प्रति जागरूक बनाना, बाढ़ एवं जलभराव के दौरान सुरक्षित व्यवहार अपनाने के लिए प्रेरित करना तथा डूबने की स्थिति में सही प्रतिक्रिया एवं प्राथमिक उपचार की जानकारी देना है। यह गतिविधियाँ विद्यार्थियों में सुरक्षा के प्रति जिम्मेदारी, सतर्कता एवं जीवन रक्षा के व्यवहारिक कौशल विकसित करने में सहायक होंगी।

मुख्य उद्देश्य
  • विद्यार्थियों को जल सुरक्षा के प्रति जागरूक बनाना।
  • बाढ़ एवं जलभराव के दौरान सुरक्षित व्यवहार सिखाना।
  • डूबने की स्थिति में सही प्रतिक्रिया एवं प्राथमिक उपचार की जानकारी देना।
45–60 मिनट की गतिविधियों का क्रम
  • प्रार्थना सभा (10 मिनट): विषय का परिचय, जल सुरक्षा की शपथ तथा प्रेरक नारा – "सावधानी अपनाएँ, डूबने की घटनाएँ रोकें; सुरक्षित रहें, सुरक्षित रखें।"
  • शिक्षक द्वारा चर्चा (10 मिनट): डूबने के प्रमुख कारण, जोखिम वाले स्थान, बाढ़ के समय क्या करें और क्या न करें तथा बच्चों को अकेले पानी के पास न जाने की सलाह।
  • प्रदर्शन (10 मिनट): रस्सी, बाँस, प्लास्टिक की बोतल या टायर की सहायता से सुरक्षित बचाव का प्रदर्शन तथा यह संदेश कि बिना प्रशिक्षण के किसी को बचाने के लिए पानी में नहीं कूदना चाहिए।
  • समूह गतिविधि (10 मिनट): जल सुरक्षा विषय पर पोस्टर एवं स्लोगन निर्माण, जिससे विद्यार्थियों में रचनात्मकता और जागरूकता का विकास हो।
  • प्रश्नोत्तरी (10 मिनट): जल सुरक्षा, लाइफ जैकेट, बाढ़ सुरक्षा, आपातकालीन नंबर 112 तथा प्राथमिक सुरक्षा उपायों से जुड़े प्रश्न पूछे जाएँ।
मुख्य सुरक्षा संदेश
  • अकेले नदी, तालाब या नहर के पास न जाएँ।
  • गहरे या तेज बहाव वाले पानी में प्रवेश न करें।
  • नाव यात्रा के दौरान लाइफ जैकेट का उपयोग करें।
  • डूबते व्यक्ति की सहायता करने से पहले अपनी सुरक्षा सुनिश्चित करें।
  • दुर्घटना होने पर तुरंत 112 पर सूचना दें एवं प्रशिक्षित व्यक्ति से सहायता लें।
"पानी जीवन देता है, लेकिन लापरवाही जान भी ले सकती है। जागरूक रहें, सुरक्षित रहें और दूसरों को भी सुरक्षित रखें।"

Pappu Kumar Pankaj

P S ADALPUR, Motipur

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