Description :
“जब समुदाय और विद्यालय साथ आते हैं, तब शिक्षा का स्तर ऊँचा उठता है।”
विद्यालय शिक्षा समिति (VSS) विद्यालय और समुदाय के बीच सेतु का कार्य करती है। गुणवत्तापूर्ण शिक्षा केवल कक्षा-कक्ष तक सीमित नहीं रहती, बल्कि उसमें अभिभावकों, स्थानीय समुदाय और जनप्रतिनिधियों की सक्रिय भागीदारी भी आवश्यक होती है। इसी उद्देश्य से विद्यालय शिक्षा समिति के सदस्यों को सशक्त एवं जागरूक बनाने हेतु यह प्रशिक्षण मॉड्यूल तैयार किया गया है।
यह तीन दिवसीय गैर-आवासीय प्रशिक्षण मॉड्यूल समिति के सदस्यों को उनके दायित्वों, अधिकारों एवं उत्तरदायित्वों से अवगत कराता है। प्रशिक्षण के दौरान विद्यालय प्रबंधन, शैक्षणिक निगरानी, छात्र उपस्थिति, आधारभूत संरचना के रख-रखाव, वित्तीय पारदर्शिता तथा सामुदायिक सहभागिता जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर विस्तार से चर्चा की जाती है।
मॉड्यूल का मुख्य उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि समिति के सदस्य केवल औपचारिक भूमिका तक सीमित न रहें, बल्कि विद्यालय के विकास में सक्रिय भागीदार बनें। इसके अंतर्गत निम्न बिंदुओं पर विशेष बल दिया गया है —
- विद्यालय की नियमित बैठकें एवं कार्यवृत्त संधारण
- विद्यालय विकास योजना (SDP) का निर्माण और क्रियान्वयन
- छात्र नामांकन एवं उपस्थिति बढ़ाने में सहयोग
- मध्याह्न भोजन, छात्रवृत्ति एवं अन्य योजनाओं की निगरानी
- बालिका शिक्षा एवं समावेशी शिक्षा को बढ़ावा
- विद्यालय परिसर की स्वच्छता एवं सुरक्षा सुनिश्चित करना
प्रशिक्षण की पद्धति सहभागितापूर्ण है, जिसमें समूह चर्चा, अध्ययन-प्रकरण (Case Study), भूमिका-अभिनय एवं अनुभव साझा करने जैसी गतिविधियाँ शामिल हैं। इससे सदस्यों में नेतृत्व क्षमता, निर्णय लेने की दक्षता और उत्तरदायित्व की भावना विकसित होती है।
यह मॉड्यूल इस विचार पर आधारित है कि शिक्षा केवल शिक्षक और छात्र के बीच की प्रक्रिया नहीं है, बल्कि यह पूरे समाज की सामूहिक जिम्मेदारी है। जब विद्यालय शिक्षा समिति सक्रिय, जागरूक और प्रशिक्षित होती है, तब विद्यालय की गुणवत्ता, पारदर्शिता और उत्तरदायित्व में स्पष्ट सुधार दिखाई देता है।
अतः यह प्रशिक्षण मॉड्यूल समुदाय आधारित शिक्षा प्रणाली को मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है। इसके माध्यम से “आदर्श विद्यालय” की संकल्पना को साकार करने का मार्ग प्रशस्त होता है।
टीचर्स ऑफ बिहार द्वारा शिक्षाहित में जारी।
