Patna, Bihar, India An Education Community Initiative
Ghanshyam Kumar (घनश्याम कुमार )
ID: f5cef2da2b1a

मेरे गाँव की आजादी की कहानी

  • Gender: 👨 Male
  • Class / Role: 🎓 Class 5
  • School: 🏫 P S JHANDAPUR BIHPUR (प्रा वि झंडापुर बिहपुर )
  • District & Block: 📍 BHAGALPUR, BIHPUR
  • Applied Category: 📝 Teacher
Selected Under: Judge's Choice Marks: 9/10 Download Certificate
Competition Photos
मेरे गाँव की आजादी की कहानी

बिहार का एक ऐसा गांव जो कि भारत के आजादी से जुड़ा हुआ है और यहां स्वतंत्र भारत के प्रथम राष्ट्रपति को इस भूमि पर देश की आजादी के लिए लाठी खाने पड़ी थी 

आज मैं बिहार राज्य के भागलपुर जिले में स्थित बिहपुर गांव का बात कर रहा हूं जहां स्थित है कांग्रेस के समय का भारत की स्वतंत्रता सेनानियों की उपलब्धियां से जुड़ी गाथा। जिस स्वराज आश्रम कहते हैं जिनका नीव खुद स्वतंत्र भारत के प्रथम राष्ट्रपति डॉ राजेंद्र प्रसाद एवं भारत की कोकिला कहे जाने वाली एवं स्वतंत्र भारत की प्रथम राज्यपाल श्रीमती सरोजिनी नायडू ने इस आश्रम का नींव रख। बुजुर्गों से बात करने के बाद पता चला कि 1930 का नमक सत्याग्रह जो कि महात्मा गांधी के द्वारा चलाया गया था उसे दौरान भी सत्याग्रह के प्रभाव से बिहपुर भी आंदोलन का महत्वपूर्ण केंद्र बना 10 अप्रैल 1930 को डॉ राजेंद्र प्रसाद और आचार्य जैविक कृपलानी को बिहपुर की धरती पर आने का सौभाग्य प्राप्त हुआ बिहपुर और गौरीपुर को नमक सत्याग्रह के लिए चुना गया था। ऐसी छोटी सी गांव को अगर देश की स्वतंत्रता में अपना महत्वपूर्ण योगदान देकर आने वाले पीढ़ी और युवा पीढ़ी के लिए एक प्रेरणा स्रोत बना है बिहपुर जो कि हर हमेशा हम जैसे युवा को यह याद दिलाता रहेगा कि देश की आजादी में तुम्हारे पूर्वज कभी पीछे नहीं होते उन्होंने देश की आजादी के लिए अंग्रेजों से लोहा लिया है। अपने पिताजी अपने दादाजी से जब पूछा तो बिहपुर के बारे में इतना प्रेरणा की बात बताई उन्होंने बिहपुर जैसे गांव में खादी का एक महत्वपूर्ण स्रोत था यहां खादी के वस्त्र तैयार किए जाते थे जो वस्त्र की पूरे भारत में यहां से पहुंचाया जाता था यह भी एक महत्वपूर्ण केंद्र था खादी का जो बिहपुर के लिए बड़े ही सौभाग्य की बात थी । यहां आज भी पूरे बिहपुर प्रखंड में सबसे पहले ध्वजारोहण यहीं पर किया जाता है। साथी स्वतंत्रता सेनानियों को श्रद्धांजलि अर्पित की जाती है यहां पर स्वतंत्रता सेनानियों की एक समाधि स्थल भी है।वर्तमान में स्वराज आश्रम की स्थिति को सुधारने के लिए यहां के प्रशासन एवं देश की सरकार को जरूर सोचना चाहिए।

Remarks
Very Nice
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